Monday, July 30, 2007

नाचने दो मंत्री को भी...

हिमाचल प्रदेश के एक मंत्री को त्यागपत्र देना पडा क्योंकि टीवी के एक चैनल ने स्टिंग औपरेशन् द्वारा अपने चैनल पर दिखा दिया था कि अपने जन्मदिन की पार्टी में मंत्री जी नाच रहे थे.
मंत्री जी ( जी एस बाली) ने क्या बिगाडा था किसी का ? अरे भाई जन्म दिन भी उनका. पार्टी भी दी उन्होने ( या उनके मित्रों ने ). नचैया भी सारे वे खुद लेके आये, खाना भी उन्ही का. ( और ..पीना भी ). नाचे भी वह खुद.

क्या लेना था मीडिया को? खाम्ख़ां टांग अडाने की आदत से बाज नही न आते कुछ लोग.

क्यों क्या मंत्री आदमी नही होता?
क्या मंत्री के जज़बात नही होते ?
क्या मंत्री खुश नही दिख सकता ? ये मीडिया वाले भी न .. अपने आप को क्या समझते है ? क्या इनके जन्म दिन नही होते ? क्या ये लोग पार्टियां नही देते? क्या ये खाते-पीते नही है ? क्या ये नाचते नही है ?
तो फिर दूसरे को नाचते देख तुम्हारे पेट में क्यों दर्द होता है ?

बोलो बोलो,है कोई जबाब तुम्हारे पास ?
हां,अगला बहक जाय, दारू -शारू पीके दंगा -शंगा करे, तो पक्कडो. जरूर पकडो. मगर खाली-पीली ? क्या बात हुई ?

हां नशे में कुछ गलत शलत हर्कत कर जाये किसी के साथ, तो पकडो.जरूर पकडो. मगर खाली-पीली ?

हां , किसी पब्लिक प्लेस में कुछ करता हुआ पाये जाये, तो फिर मांगो ना इस्तीफा ? अपनी निज़ी पार्टी में .कोई गल नई, बश्शाओ . खूब खेलो. खुलकर खेलो ना फरुखाबादी .

मुख्यमंत्री जी, आपने भी गलत परिपाटी दाल दी ना. इस्तीफा मांग कर.
अब होगा क्या ? क्या इससे पार्टियां रुक जायेंगी ? या जन्म दिन नही होंगे ? अब क्या रोज़ इस्तीफा लोगे ? किस किसका लोगे ? मंत्री कम पड जायेंगे ? जितने एम एल ए हैं ना तुम्हारी पार्टी में ,सब को मंत्री बनाओगे क्या ?

2 comments:

sunita (shanoo) said...

ये क्या बात हुई क्या मंत्री जी इंसान नही है ओह्ह सारी क्या मंत्री जी नाच नही सकते...गलत बात है जब वो कुर्सी के लिये दुनियाँ को नचाते रहते है तो खुद नही नाच सकते...उन्हे तो मेरे ख्याल से पब्लिक में भी नाचना चाहिये...:)

मोहिन्दर कुमार said...

सही लिखा है आपने... मगर बेचार मिडीया वाले भी मजबूर हैं एक अनार सो बिमार वाली बात है... नयी खबर कहां से लायें जो मिलता है उसी से काम चला लेते हैं
और कुछ लोगों से दुसरों की खुशी भी नहीं देखी जाती