Sunday, September 23, 2007

मिनि ब्लौगर( अचानक) मीट: पब्लिक के बीच में

दिल्ली और अनेक स्थानों पर ब्लौगर मीट अक्सर चर्चा का विषय बनती रही है. इनमे से एक ( बड़ी मीट –दिल्ली –जुलाई 07) पर मैने भी एक (अ)रपट लिखी थी. मुझे नहीं पता कि ब्लौगर मीट में अधिकतम हिस्सेदारी का रिकार्ड क्या है.शायद जुलाई वाली मीट ने ही रिकौर्ड बनाय था. अब छोटी सी छोटी मीट का रिकार्ड पूछने की आवश्यकता नही. जाहिर है कि न्यूनतम संख्या दो ही होगी. ( य़दि किसी ब्लौगर मीट में दो से भी कम ब्लौगर आयें , इस का मतलब है कि ऐसी रपट करने वाला खुद फंतासी के अधार पर ही रपट बना रहा होगा ). जिस मीट का मॅं यहां जिक्र करने जा रहा हूं, वह सम्पन्न हुई 20 सितम्बर 07 को, दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में, और इस मीट में सिर्फ दो ही ब्लौगर शामिल हुए. ( अभी मात्र एक माह पूर्व हमारे एक ब्लौगर साथी ने दो ब्लौगरों की एक काल्पनिक मुलाक़ात् पर एक धांसू व्यब्ग्य से भरपूर् पोस्ट भी लिखी थी.,)फिर भी मैं यह रिपोर्ट लिख रहा हूं. द्वारका ,नई दिल्ली के महाराष्ट्र मित्र मंडल द्वारा प्रत्येक वर्ष गणेशोत्सव मनाया जाता रहा है.इस वर्ष भी 16 सितम्बर से 23 सित्रम्बर तक यह उत्सव मनाया गया. इस उत्सव के अंतर्गत 20 सितम्बर को एक कवि सम्मेलन आयोजित किया गया था तथा इस कार्यक्रम की सन्योजक थीं डा. कीर्ति काले. अब प्रश्न है कि इससे ब्लौगरों को क्या ? हां मैं उसी मीट पर आ रहा हूं . हुआ यूं कि कीर्ति जी ने हिन्दी अकदमी के सहयोग से आयोजित इस कवि सम्मेलन के लिये कवियों को आमंत्रित किया था, जिसमे एक हिन्दी ब्लौगर सुनीता (चोटिया) शन्नू कवि के रूप में शामिल थी. वहीं दूसरी ओर स्वतंत्र रूप से मुझे ( अरविन्द चतुर्वेदी) भी कविता पाठ हेतु आमंत्रित कर रखा था. निर्धारित समय पर जब सब कवि उपस्थित हुए तो इसमें दो हिन्दी ब्लौगर भी आमने-सामने हुए. पहले मंच के बाहर, फिर मंच पर , और फिर रात लग्भग 12 बजे भोजन पर यह मीट सम्पन्न हुई. हां ब्लौगरी पर चर्चा नही हुई पर कविता पर जरूर् हुई. यह मिनि मीट ‘अचानक’ इसलिये कही गयी क्यों कि दोनो ही ब्लौगरों को पहले से पता नही था कि मीट होने वाली है. क़वि सम्मेलन में मैने हास्य रचनायें प्रस्तुत की तथा सुनीता जी ने ‘कन्यादान’ विषय पर एक भावुक रचना प्रस्तुत की. मीट के अवसर पर दोनो ब्लौगरों के ( अ-ब्लौगर) जीवन साथी भी उपस्थित रहे. लो हो गयी मीट की एक और रपट.

8 comments:

अनूप शुक्ला said...

सही है मीट और रपट!

Udan Tashtari said...

ये भी खूब मीट रही, वाह. बड़े शानदार तरीके से काव्य पाठ किया जा रहा है ऐसा तस्वीर देखकर लग रहा है. पॉडकास्ट की व्यवस्था करें अगर रिकार्डिंग उपलब्ध हो तो.

Sanjeet Tripathi said...

वाह! सही रही आप दोनो की यह मीट!

शुक्रिया रपट के लिए!
समीर जी की मांग सही है अगर सुनने मिल जाए तो मजा आ जाए!

सजीव सारथी said...

वाह जी आपको और सुनीता जी को देख कर अच्छा लगा, यक़ीनन इस तरह अचानक मिलना बहुत सुखद रहा होगा

शैलेश भारतवासी said...

अरविन्द जी,

कम से कम ऐसे मौकों की रिकार्डिंग तो कर ही ली जानी चाहिए। काश! हम भी होते।

संजय बेंगाणी said...

वाह यह मिलन भी खुब रहा होगा. एक दुसरे को कविता सुना सुना कर.... :) :)

मजाक खत्म. चिट्ठाकार-मिलन की बधाई.

sunita (shanoo) said...

क्या बात है अरविन्द जी यहाँ भी बाज़ी मार गये आप...वहाँ भी सबसे पहले कविता पाठ करके आपने अटैक किया था...वैसे यह अप्रत्याशित मीट भी बहुत अच्छी रही आपके साथ काव्य पाठ और फ़िर खाना भी भाभीजी से मिलना भी हो गया...बहुत ही अच्छा रहा... मुझे तो मालूम ही नही था यहाँ हमारी तस्वीर भी है...एक बार फ़िर शुक्रिया..

सुनीता(शानू)

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi said...

@अनूप जी,समीर जी,संजीत जी,सजीव जी, शैलेश जी,संजय जी,सुनीत जी,
,धन्यवाद.
कवि सम्मेलन की कुछ् वीडिओ उपलब्ध हैं. एक छोटा वीडिओ मैने अपलोड करने का प्रयास किया, सफल नही रहा.
अब पूरी वीडिओ रिकौर्डिंग के लिये मैने महाराष्ट्र मित्र मंडल से अनुरोध किया है.
1 व 2 अक्टूबर को दिल्ली में 2 कवि सम्मेलनों में कविता पाठ करने जाना है. सम्भव हुआ तो उनकी रिकौर्डिंग अपलोड करने का प्रयास करूंगा.
वैसे 11 अगस्त को सम्पन्न 'अक्ष" के पुरस्कार समारोह की वीडिओ रिकौर्डिंग ( जिसमें कवि सम्मेलन भी शामिल है) भी शीघ्र उपलब्ध हो जायेगी.