चौंकना मत अगर मेरी दस्तक सुनो
देके आने की पहले, खबर आऊंगा.
दूर था इसलिये सबने देखा नहीं
हर जगह देखना अब नज़र आऊंगा.
-अरविन्द चतुर्वेदी
पूरी हों सबकी अभिलाषाएं...
17 hours ago
कुछ अपनी,कुछ जग की . खरी खरी- जो सोचने पर मज़बूर कर दे, सबको.
1 टिप्पणियाँ:
दूर था इसलिये सबने देखा नहीं
हर जगह देखना अब नज़र आऊंगा.
वाह! वाह! सुन्दर पंक्तियां.
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