Friday, January 2, 2009

चौंकना मत अगर मेरी दस्तक सुनो

चौंकना मत अगर मेरी दस्तक सुनो
देके आने की पहले, खबर आऊंगा.

दूर था इसलिये सबने देखा नहीं
हर जगह देखना अब नज़र आऊंगा.

-अरविन्द चतुर्वेदी

1 comment:

हिमांशु said...

दूर था इसलिये सबने देखा नहीं
हर जगह देखना अब नज़र आऊंगा.

वाह! वाह! सुन्दर पंक्तियां.