





तय किया कि एक बढिया सी फोटो डाउनलोड करके अपने ब्लोग पर डालते हैं और पंगेबाज जी को आमंत्रित करते हैं.
पहली फोटो ढूंढी तो देखते ही मुंह में पानी आ गया. सोचा कुछ और देखते हैं .मिठाई की दुकान ही सज गयी. फिर तय किया कि आज कुछ चुनी हुई मिठाइयां ही हाज़िर की जायें ,बाकी फिर कभी.
( फिर मन में आया कि कहीं कोई copyright violation तोनहीं हो जायेगा, सोचकर एक साइट का लिंक भी हाज़िर कर रहा हूं.
1 comment:
भाई मिठाइ और इस असीम स्नेह के लिये आभार .. देर से पहुचा पर पहुचा तो सही ... देरी के लिये माफी ..........
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